धूल चाटता संविधान

26 जनवरी, भारत का गणतंत्र दिवस इस साल भी बहुत ही धूम-धाम से मनाया गया। एक दो दिन पहले से ही बाजारें सज चुकी थी; हर गली गली तिरंगे की दूकानें सजी थी और कई लोग तिरंगे खरीद रहे थे। 26 जनवरी ,गणतंत्र दिवस के दिन वही तिरंगा आसमान छू रहा था । काफी सम्मान का क्षण होता है वह नजारा। और 27 जनवरी को, पूरी सडके तिरंगे से पटी हुई नजर आई । बहुत दुख होता है यह देख कर । देश का सम्मान पैरों तले कुचला जा रहा होता है। वही तिरंगा कहीं लोगों के पैरों तले , तो कभी कचरों के ढेर में नजर आता है । यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है इस देश के लिऐ ।लेकिन आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या यह जरूरी है कि हर बच्चे तिरंगे के हाथ में तिरंगा हो? क्या यह जरूरी है कि हर कोई उस दिन तिरंगा खरीदे? हम माने या न माने तिरंगा हमारे देश की पहचान है, हमारा सम्मान है, हमारी आबरू है और इसे हम इतना सार्वजनिक क्यों बनाकर रखते हैं की हर कोई इसे खरीद सकता है , कहीं भी कैसे भी सजा देता है और अगले ही दिन इसे सड़क पर फेंक देता है? मैं उन अभिभावकों से पुछना चाहूँगी जो अपने उन 4-5 साल के बच्चों के हाथ में कागज और प्लास्टिक के बने तिरंगे थमा देते हैं जिन्हें यह तक मालूम नहीं होता कि इस तिरंगे का क्या महत्व है ; और फिर छोड देते हैं उस तिरंगे को धूल चाटने के लिऐ -क्या देश का तिरंगा एक खिलौना है जिसे आपने बच्चे के हाथों नष्ट होने छोड दिया ? हम इस बात को ले कर इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं ?प्रशासन भी इस बात पर ध्यान क्यूँ नहीं देती? एक कानून क्यों नहीं बना दिया जाता इस के लिऐ? अगर हर किसी को तिरंगा ही चाहिए तो सरकार उसके लिए एक लाइसेंस /रेजिस्ट्रेसन नंबर क्यों नहीं जारी कर देती है हर किसी के पास एक रजिस्टर्ड तिरंगा हो जिसे यदि क्षत-विक्षत स्थिति में पाया जाता है तो उस व्यक्ति पर कारवाई की जाए। अगर हम सब कोशिश करें तो यह इतना भी मुश्किल तो नहीं है। मेरी आप सब से एक ही निवेदन है तिरंगे का सम्मान करें , दूसरों को भी सिखाऐं । तिरंगे का सम्मान हमारा सम्मान है ।

#मनिषाझा

One thought on “धूल चाटता संविधान

  1. Very pertinent point raised, though to hoist National Flag is Fundamental Right of the citizens, but its dignity has to be maintained. I am also of the same view that use of Plastic or paper Flag should be discontinued as its proliferation and unethical disposal demeans it’s importance.

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s